2026 में प्रमुख बैंकों की होम लोन ब्याज दरें
| बैंक | ब्याज दर | प्रोसेसिंग फीस |
|---|---|---|
| SBI | 8.25-9.65% | ₹2,000-10,000 |
| HDFC | 8.35-9.75% | 0.5% तक |
| ICICI | 8.30-9.70% | 0.5-1% |
| Bank of Baroda | 8.20-10.30% | ₹8,500 तक |
| PNB | 8.30-10.15% | 0.35% |
| Kotak | 8.40-9.80% | 1% तक |
EMI कम करने के 7 तरीके
1. अच्छा CIBIL स्कोर बनाएं (750+)
CIBIL स्कोर 750+ होने पर बैंक 0.25-0.50% कम ब्याज देते हैं। ₹50 लाख, 20 वर्ष के लोन पर यह ₹2-4 लाख की बचत है!
2. ज़्यादा डाउन पेमेंट दें
20% के बजाय 30-40% डाउन पेमेंट देने से:
- कम लोन राशि = कम EMI
- बेहतर ब्याज दर मिल सकती है
- प्रोसेसिंग फीस कम होती है
3. छोटी अवधि चुनें
| अवधि | ₹50L पर EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 20 वर्ष | ₹42,786 | ₹52.7 लाख |
| 15 वर्ष | ₹48,468 | ₹37.2 लाख |
| 10 वर्ष | ₹61,325 | ₹23.6 लाख |
15 वर्ष चुनने पर 20 वर्ष के मुकाबले ₹15.5 लाख बचत!
4. प्रीपेमेंट करें
हर साल 1-2 अतिरिक्त EMI भरने से लोन अवधि 3-5 वर्ष कम हो सकती है।
5. बैलेंस ट्रांसफर करें
अगर कोई बैंक 0.5%+ कम ब्याज दे रहा है, तो बैलेंस ट्रांसफर फायदेमंद है।
6. फ्लोटिंग रेट चुनें
फ्लोटिंग रेट आमतौर पर फिक्स्ड से 1-2% कम होता है।
7. महिला को-एप्लिकेंट जोड़ें
महिला उधारकर्ताओं को 0.05% कम ब्याज दर मिलती है।
💡 अपनी होम लोन EMI गणना करें: होम लोन कैलकुलेटर
होम लोन पर टैक्स लाभ
- मूलधन: 80C के तहत ₹1.5 लाख तक
- ब्याज: 24(b) के तहत ₹2 लाख तक
- स्टांप ड्यूटी: 80C में शामिल
- कुल संभावित छूट: ₹3.5 लाख/वर्ष